॥ श्री गुरुभ्यो नमः ॥उत्तराखंड, भारत
Himalayan Siddhashram Guru Parampara — HSGPHimalayan Siddhashram Guru Paramparaनिखिलश्रीमहाविद्या पीठ
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श्रीविद्या

अंतःशुद्धि · साधना की तैयारी

अंतःशुद्धि में साधक अपनी भावना की पवित्रता, मन की स्थिरता और श्रीविद्या के अभ्यास में अनुशासन पर ध्यान देता है।

Inner preparation — symbolic droplet and light
प्रतीकात्मक भक्तिमय चित्र
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अंतःकरण का परिष्कार

साधना में विचार, वाणी और कर्म के प्रति सजगता आवश्यक है। सच्ची भावना, संयमित वाणी और नियमित अभ्यास अंतःकरण की तैयारी को व्यावहारिक रूप देते हैं। साधक यही सजगता उपासना और दैनिक जिम्मेदारियों में लाता है।

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गहन उपासना की तैयारी

अभ्यास गहरा होने पर स्पष्टता और स्थिरता शिष्य को आगे के निर्देश ग्रहण करने और अपनाने में सहायता देती हैं। गुरु के मार्गदर्शन में पूजा की नियमितता, चिंतन और उसके अनुकूल आचरण पर ध्यान दिया जाता है। तैयारी का स्वरूप शिष्य और उसकी साधना के अनुसार होता है।

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आगे का अभ्यास

अपनी वर्तमान साधना और जिन विषयों में स्पष्टता चाहिए, उन्हें योगिनी ब्रह्मांशी के साथ साझा करें। यहाँ अध्ययन क्रम में नित्या देवियों से पहले श्रीचक्र और अंतःशुद्धि का परिचय है; दीक्षा में प्राप्त व्यक्तिगत अभ्यास गुरु के निर्देश के अनुसार चलता है।

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श्रद्धा से शुरुआत

सच्ची भावना से साधना की शुरुआत होती है।

अपना परिचय दें और आगे की साधना के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करें।

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