॥ श्री गुरुभ्यो नमः ॥उत्तराखंड, भारत
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श्रीविद्या

राजमातंगी · श्यामला देवी

पवित्र वाणी, संगीत, समझ और भक्ति की सजग अभिव्यक्ति।

Matangi Devi — traditional devotional image
चित्र का स्रोत · Public domain
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ललिता की मंत्रिणी

राजमातंगी को राजा श्यामला और मंत्रिणी भी कहा जाता है। श्रीविद्या में वे ललिता त्रिपुरसुंदरी देवी की मंत्रिणी के रूप में पूजित हैं। इस भूमिका से देवी की कथा में उनका विशिष्ट स्थान प्रकट होता है और वाणी, ज्ञान तथा विवेकपूर्ण मार्गदर्शन का महत्व सामने आता है।

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स्वरूप की भाषा

श्यामला के परिचित स्वरूपों में वीणा और शुक अर्थात तोते का वर्णन मिलता है। ध्वनि और अभिव्यक्ति से जुड़ी इन छवियों को उनके ध्यान-वर्णन के साथ समझा जा सकता है। देवी का चित्र, शास्त्रीय वर्णन और उपासना परंपरा साथ पढ़ने से प्रत्येक संकेत का अर्थ स्पष्ट होता है।

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दैनिक जीवन में वाणी की साधना

वाणी घर, अध्ययन और सत्संग का वातावरण बनाती है। ध्यान से सुनना, सत्य बोलना और उचित समय पर अपनी बात रखना अभ्यास के विषय हैं। संगीत, पाठ और लेखन भी सजगता, सच्ची भावना और सेवा के उद्देश्य के साथ किए जाएँ तो अर्पण का रूप ले सकते हैं।

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विशिष्ट स्वरूप को समझना

मातंगी दस महाविद्याओं में भी गिनी जाती हैं। इस व्यापक उपासना के भीतर श्रीविद्या की राजमातंगी का अपना संदर्भ है। विशिष्ट मंत्र स्वरूप और उनका प्रयोग गुरु से सीखा जाता है। इससे साधक का अध्ययन उसी साधना से जुड़ता है जो उसे दी गई है।

आगे का अध्ययनRaja Shyamala — Srividya Learning Centre ↗Lalita Sahasranama 786–789 — Manblunder ↗Raja Matangi dhyana — Manblunder ↗

श्रद्धा से शुरुआत

सच्ची भावना से साधना की शुरुआत होती है।

अपना परिचय दें और आगे की साधना के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करें।

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