॥ श्री गुरुभ्यो नमः ॥उत्तराखंड, भारत
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साधना की शुरुआत

श्रीविद्या साधना की शुरुआत कैसे करें?

शुरुआत सच्ची भावना, मार्ग की समझ और गुरु के मार्गदर्शन से करें।

Bala Tripurasundari Devi — traditional devotional image
चित्र का स्रोत · CC0
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नियमित साधना के लिए समय बनाएँ

एक शांत समय चुनें जिसे आप नियमित रूप से निभा सकें। स्वच्छ स्थान, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और छोटे संकल्पों को निभाना आगे मिलने वाली साधना की तैयारी में सहायक है।

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अपनी पृष्ठभूमि बताएँ

अपनी वर्तमान साधना, पूर्व दीक्षा और श्रीविद्या के प्रति अपनी भावना बताइए। इससे योगिनी ब्रह्मांशी आपकी स्थिति समझकर आगे का मार्गदर्शन दे सकती हैं। तैयारी व्यक्तिगत रूप से देखी जाती है।

03

अभ्यास से समझ को गहरा करें

दीक्षा के बाद मिली हुई विधि के अनुसार साधना करें। महत्वपूर्ण शंकाएँ अपने गुरु के सामने रखें। नियमित अभ्यास, अध्ययन और भक्ति को साथ लेकर चलें।

श्रद्धा से शुरुआत

सच्ची भावना से साधना की शुरुआत होती है।

अपना परिचय दें और आगे की साधना के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करें।

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